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तिरंगे में कितने रंग होते हैं तिरंगा कब और किसने बनाया?

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क्या आप जानते है है दोस्तो तिरंगे में कितने रंग होते हैं हां जानते तो होंगे ही लेकिन शायद आप ये भी जानते होंगे की इन रंगों का मतलब क्या होता है । तिरंगे के तीनों रंग किसका प्रतीक है? तो चलिए आज के इस लेख में तिरंगे में कितने रंग होते हैं और तिरंगे से जुड़ी समस्त जानकारी जानेंगे ।

जैसा की आप सभी जानते है तिरंगा हमारा भारत का राष्ट्रीय ध्वज है। जिसमे तीन पट्टियों वाले तिरंगे में तीन रंग होते है और बीच में अशोक चक्र बना होता है जिसे भारत का प्रतीक अशोक चक्र जिसे कर्तव्य का पहिया भी कहा जाता है । जिसमे 24 तीलिया होती है देश और समाज के चहुमुखी विकास के प्रति देशवासियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में बतातीं हैं जिनमे सभी तीलियों का अपना अलग अलग वास्तिवक मतलब है ।

राष्ट्रीय ध्वज की लंबाई चौड़ाई का अनुपात 3:2 है । राष्ट्रीय झंडा निर्दिष्टीकरण के अनुसार झंडा खादी में ही बनना चाहिए तिरंगे के बारे में और जानने से पहले तिरंगा कब और किसने बनाया? इसके बारे में जान लेते है।

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तिरंगा कब और किसने बनाया?

आप सभी की जानकारी के लिए बता दू कि भारत के राष्ट्रीय ध्वज जिसे तिरंगा भी कहते हैं, तीन रंग की क्षैतिज पट्टियों के बीच नीले रंग के एक चक्र द्वारा सुशोभित यह हमारा राष्ट्रीय ध्वज है। इसे 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से भारत की स्वतंत्रता के कुछ ही दिन पूर्व २२ जुलाई, 1947 को आयोजित भारतीय संविधान-सभा की बैठक में अपनाया गया था। और इस राष्ट्रीय ध्वज को पिंगली वैंकैया ने बनाया था। और सविधान सभा में हंसा मेहता ने प्रस्तुत किया था।

तिरंगे में कितने रंग होते हैं

जैसा कि आप सभी जानते है कि तिरंगे में तीन रंग होते है केसरिया, सफेद और हरा, तो आइए जानते है कि ये तीन रंगों का क्या महत्व है।

  1. केसरिया

जैसा कि सबसे ऊपर केसरिया रंग होता है और ये केसरिया रंग साहस त्याग और बलिदान का प्रतीक माना जाता है।

2. सफेद

सफेद रंग तिरंगे के बीच में होता है और इस रंग का मतलब सत्य, शांति और पवित्रता का प्रतीक के रूप में माना जाता है

  1. हरा

हरा रंग तिरंगे का तीसरा रंग है जो कि तिरंगे के अंतिम में सबसे नीचे वाला रंग होता है इस रंग का महत्व समृद्धता का प्रतीक धरती की हरियाली का प्रतीक के रूप में माना जाता है।

  1. अशोक चक्र

जैसा की आप ने देखा होगा की तिरंगे के बीच में अशोक चक्र बना होता है यह अशोक चक्र न्याय का प्रतीक होता है।

जैसा कि अब तिरंगे के बारे में जानकर अब हमारे मन में कुछ सवाल उत्पन होते है और उन सभी के जवाब आप सभी को पता होना चाहिए जैसे कि ये सवाल ये है

तिरंगा में तीन रंग क्यों है?

हमारे भारत के राष्ट्रध्वज के निर्माताओं ने देश को एक सूत्र में बांधने के लिए बहुत सोच-समझकर इन तीन रंगो और अशोक चक्र का उपयोग किया। जैसा कि आप सभी को ऊपर बताया गया है कि तिरंगे में मौजूद केसरिया रंग को साहस और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। वहीं सफेद रंग सच्चाई, शांति और पवित्रता की न‍िशानी है। तिरंगे के तीसरे यानी हरे रंग को सन्पन्नता का प्रतीक माना जाता है।

सबसे पहले तिरंगा कब फहराया गया?

वर्ष 1906: भारत का पहला राष्ट्रीय ध्वज संभवतः 7 अगस्त 1906 को कोलकाता में पारसी बागान स्क्वायर (ग्रीन पार्क) में फहराया गया था

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राष्ट्रीय ध्वज किसका प्रतीक है?

राष्ट्रीय ध्वज किसी भी देश की आज़ादी और संप्रभुता का प्रतीक होता हैं।

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