विश्व का सबसे महान धर्म कौन सा है?

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दोस्तो आपके मन में ये सवाल है कि सबसे महान धर्म कौन सा है और आप सभी लोग यही खोज रहे है तो आज इस लेख में आपको अच्छे से सरल शब्दों में समझाने का प्रयास करेंगे कि सबसे महान धर्म कौन सा है तो आइए जानते है विश्व का सबसे महान धर्म कौन सा है? यदि आप पूरा अंत तक पढ़ेंगे तो आपको समझ आ जायेगा की सबसे महान धर्म कौन सा है?

सबसे महान धर्म कौन सा है?

आज के समय में लोग समानताओें को न देखते एवं न समझते हुए आपसी मार-काट में लगे हुए है और हर कोई अपने धर्म को श्रेष्ठ व महान बताने में लगा है। हिंदू बोलता है की मेरा सनातन धर्म सबसे अच्छा है तो वही मुसलमान बोलता है कि मेरा इस्लाम धर्म सबसे श्रेष्ठ है। आपको बताते थे की ये वो लोग होते है जिन्हें अपने धर्म का भी सही से ज्ञान नहीं होता है।

धर्म कोई वस्तु नहीं है जिसकी एक्सपाइरी डेट फिक्स हो। या धर्म कोई वो वस्तु नहीं जिसकी गारंटी ऊपरवाले ने ले रखी हो ।धर्म को बनाया किसने? इंसानो ने !! धर्म को अच्छा- बुरा बनाने वाले कौन? सीधी सी बात है इंसान ही है। तो अच्छे- बुरे का ठप्पा धर्म को क्यों मिल रहा है?

धर्म स्वयं में ये नहीं कहता कि मैं महान हूं, धर्म का अनुयायी कहता है कि मेरा धर्म महान है क्योंकि ऐसा करने से उसे गर्व का अहसास होता है और दूसरों की तुलना में वह श्रेष्ठ साबित होना चाहता है… धर्म का उद्देश्य दूसरों की दृष्टि में श्रेष्ठ कहलाना या बाकियों की तुलना में महान बनना नहीं है

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आप किस धर्म के हो, इससे ज़्यादा महत्व रखता हैं की क्या आप एक अच्छे इंसान हैं ? दुनिया में धर्म बहुत हैं उसे मानने वाले भी बहुत हैं , पर उसे समझने वाले गिनती के कुछ लोग हैं।इसलिए कौनसा धर्म सबसे अच्छा या बड़ा है , इससे ज्यादा मायने यह रखता है की कौनसे इंसान की इंसानियत सबसे बड़ी है।

किसी भी धर्म को सबसे अच्छा व सबसे बुरा बनाने वाले वही लोग है जिन्होंने धर्म जात-पात बनाये है, एक अकेला इंसान कुछ नहीं कर सकता। जो भी लोग जिस भी धर्म को मानते है, सब इंसानियत नामक धर्म को अपनाले तो सारे धर्म अपने आप ही अच्छे बन जायेंगे।

धर्म वह है जो हमें सही मार्ग चुनने और सही कर्म करने की प्रज्ञा उपलब्ध कराए, हमारे जीवन का उद्देश्य क्या है और हम क्या हैं यह खोजने की प्रेरणा दे…उचित अनुचित में भेद करने की दृष्टि दे सके वह धर्म है…

इस धरती पर यदि हम जीवित हैं तो किसी कारण से हैं कुछ करने हम यहाँ आए हैं और यह कर्म ही हमारा धर्म है…इसलिए मैं कहूंगा कि कर्म ही धर्म हैं।

इसीलिए हम कह सकते है कि, इस पूरी पृथ्वी या संसार में एक ही धर्म सबसे बडा है और वो है मानवता धर्म। यही वो धर्म है जिसे हम सर्वश्रेष्ठ व महान कह सकते है। इसलिए आपने कर्म करते जाओ किसी भी धर्म को छोटा बड़ा और महान बनाने में नहीं लगे रहे।

दोस्तो अब आप समझ गए होंगे की कोई भी धर्म महान बड़ा छोटा नहीं होता । सबसे बड़ा धर्म है तो वह है मानवता धर्म यानी आप अपने सही कर्म करते जाओ । इससे यह तात्पर्य निकलता है कि कर्म ही हमारा धर्म है।