PDC full form – PDC का फुल फॉर्म क्या होता है?

नमस्कार मित्रों, आप सभी कैसे हो? हमें पूरा उम्मीद है आप सभी काफी अच्छे होंगे। आज के इस पोस्ट में हम PDC के बारे में बात करने वाले है। क्या आज से पहले आपने PDC शब्द को सुना है?

PDC शब्द का इस्तेमाल तो बहुत जगह सुनने को मिलता है लेकिन बहुत ही कम लोगो को PDC का फुल फॉर्म पता होता है। PDC की पूरी जानकारी को हासिल करने के लिए ध्यानपूर्वक आपको इस पोस्ट को शुरू से लेकर अंत तक पढ़ना हो हो सकता है।

PDC का फुल फॉर्म क्या होता है? (What is the full form of PDC?)

सबसे पहले हम बैंक के क्षेत्र में PDC का फुल फॉर्म हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषा में आपको बताना चाहेंगे। बैंक के क्षेत्र में PDC का फुल फॉर्म पोस्ट डेटेड चेक हिंदी में होता है। PDC full form is Post Dated Cheque इंग्लिश में होता है।

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बैंकिंग के क्षेत्र में PDC क्या होता है? (What is PDC in the field of banking?)

PDC बैंकिंग के क्षेत्र में एक चेक ही होता है, लेकिन भुक्तान करने वाला व्यक्ति भुक्तान की तारीख को निर्धारित कर देता है। उस तारीख से पहले भुक्तान को हासिल करने वाला पैसा नहीं पा सकता है। जब समय पूरा हो जाता है तब ही उस चेक से भुक्तान को हासिल किया जा सकता है।

आसान शब्द में PDC एक ऐसा चेक होता है जिसकी तारीख तय होती है। उस तारीख के पूरा होने के बाद ही भुक्तान को हासिल किया जा सकता है।

PDC चेक कैसे बनाए (How to Create a PDC Check)

मान लीजिए कि कभी आपको PDC चेक बनाना हुआ तो आप कैसे PDC चेक बना सकते है। चलिए अब हम आपको PDC चेक बनाने के तरीके को बताते है। सबसे पहले आपको सामान्य चेक को अपने चेक बुक से निकाल लेना है।

उसके बाद आपको भुक्तान लेने वाले का नाम और पैसे को चेक में लिख देना है। उसके बाद आप आज से जितना दिन बाद चेक से भुक्तान करना चाहते है उतने दिन की तारीख लिख दे। मान लीजिए आज दिनांक 18 नवंबर 2021 है और आप PDC चेक दो महीने बाद का बनाना चाहते है तो आप चेक में 18 जनवरी 2022 लिखेंगे। बस इतना करने से आप PDC चेक बना सकते है।

PDC चेक का फायदा (Benefits of PDC Check)

क्या आपको PDC चेक का फायदा पता है, यदि आपको PDC चेक का फायदा नहीं पता है तो चलिए अब हम आपको PDC का फायदा भी बता देते है। PDC का सबसे पहला फायदा भुक्तान करने वाले को होता है। भुक्तान करने वाले को भुक्तान के लिए समय मिल जाता है। PDC का दूसरा फायदा भुक्तान हासिल करने वाले को मिलता है। उसके पास लिखित रूप में पैसा होता है और पैसे प्राप्त करने की तारीख भी तय होती है।

PDC का नुकसान (Disadvantages of PDC)

हर एक चीज का फायदा और नुकसान दोनों होता है। ठीक उसी तरह से PDC का भी कुछ नुकसान है। चलिए अब हम आपको PDC का नुकसान बताते है। PDC का सबसे पहला नुकसान काफी लम्बे समय तक इंतिजार करना है। दूसरा यदि भुक्तान करने वाले के बैंक खाते में पैसे न हुए तो चेक बाउंस भी हो सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

तो मित्रों, आज के इस पोस्ट से आपको क्या जानने और सीखने को मिला? आज के इस पोस्ट में हमने आपको PDC के बारे में बताया।

हमने आपको बताया कि PDC क्या है, PDC का फुल फॉर्म क्या होता है, PDC चेक कैसे बनाए, आदि।

हमने आपको PDC के बारे में काफी कुछ इस पोस्ट में बताया। यदि अभी भी आपके मन में कोई PDC से जुड़ा सवाल है तो आप कमेंट करके हमसे सीधे पूछ सकते है।

पीडीसी Full Form FAQ’s

बैंक के क्षेत्र में पीडीसी का फुल फॉर्म पोस्ट डेटेड चेक हिंदी में होता है। पीडीसी full form is Post Dated Cheque इंग्लिश में होता है।
आसान शब्द में पीडीसी एक ऐसा चेक होता है जिसकी तारीख तय होती है। उस तारीख के पूरा होने के बाद ही भुक्तान को हासिल किया जा सकता है।
पीडीसी का सबसे पहला फायदा भुक्तान करने वाले को होता है। भुक्तान करने वाले को भुक्तान के लिए समय मिल जाता है। पीडीसी का दूसरा फायदा भुक्तान हासिल करने वाले को मिलता है। उसके पास लिखित रूप में पैसा होता है और पैसे प्राप्त करने की तारीख भी तय होती है।

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