भारत का राष्ट्रीय चिन्ह क्या है

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क्या आप जानते है कि भारत का राष्ट्रीय चिन्ह क्या है विश्‍व भर में बसे विविध पृष्‍ठभूमियों के भारतीय इन राष्‍ट्रीय प्रतीकों पर गर्व करते हैं जिनमे से एक भारत का राष्ट्रीय चिन्ह भी है क्‍योंकि वे प्रत्‍येक भारतीय के हृदय में गौरव और देश भक्ति की भावना का संचार करते हैं।

भारत का राष्ट्रीय प्रतीक अर्थात् भारत के राष्ट्रीय पहचान का आधार। इसके विशिष्ठ पहचान और विरासत का कारण राष्ट्रीय पहचान है जो भारतीय नागरिकों के दिलों में देशभक्ति और गर्व की भावना को महसूस कराता है। ये राष्ट्रीय प्रतीक दुनिया से भारत की अलग छवि बनाने में मदद करता है। यहाँ बहुत सारे राष्ट्रीय प्रतीक है जिनके अपने अलग अर्थ है लेकिन अभी हम बात कर रहे है भारत का राष्ट्रीय चिन्ह क्या है तो चलिए इसके। बारे में जानते है।

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भारत का राष्ट्रीय चिन्ह क्या है

अशोक चिह्न भारत का राजकीय प्रतीक है सारनाथ में अशोक के स्तंभ शिखर पर मौजूद शेर के चिन्ह को भारत के राष्ट्रीय चिन्ह् के रुप में भारतीय सरकार द्वारा स्वीकार किया गया है । भारत का राष्ट्रीय चिन्ह 26 जनवरी 1950 को अंगीकृत किया गया था जब भारत गणराज्य बना। अशोक के स्तंभ शिखर पर देवनागरी लिपी में “सत्यमेव जयते” लिखा है (सच्चाई एकमात्र जीत) जो मुनडका उपनिषद (पवित्र हिन्दू वेद का भाग) से लिया गया है।

राष्ट्रीय चिन्ह फोटो

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मूल रूप इसमें चार शेर हैं जो चारों दिशाओं की ओर मुंह किए खड़े हैं। इसके नीचे एक गोल आधार है जिस पर एक हाथी के एक दौड़ता घोड़ा, एक सांड़ और एक सिंह बने हैं। ये गोलाकार आधार खिले हुए उल्टे लटके कमल के रूप में है। हर पशु के बीच में एक धर्म चक्र बना हुआ है। जिनका पिछला हिस्सा खंभों से जुड़ा हुआ है। संरचना के सामने इसमें धर्म चक्र (कानून का पहिया) भी है।

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गौतम बुद्ध के महान स्थलों में सारनाथ को चिन्हित किया जाता है जहाँ उन्होंने धर्म का पहला पाठ पढ़ाया था। भारत का प्रतीक शक्ति, हिम्मत, गर्व, और विश्वास को प्रदर्शित करता है। पहिये के हर एक तरफ पर एक अश्व और बैल बना है। इसके उपयोग को नियंत्रित और प्रतिबंधित करने का कार्य राज्य प्रतीक की भारतीय धारा, 2005 के तहत किया जाता है। वास्तविक अशोक के स्तंभ शिखर पर मौजूद शेर वाराणसी के सारनाथ संग्राहालय में संरक्षित है।